पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वनारस में BJP नेता के घर से 25 लड़कियाँ ‘नग्न’ अवस्था में हुआ गिरफ्तार ।

भाजपा अपनी सरकार में देश की जनता से तमाम वादे किया लेकिन उनसे बिल्कुल अलग परिणाम देती नजर आ रही है। वहीं दूसरी तरफ देश में अपराध भी थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ऐसा ही एक मामला फिर से सामने आया है जिसमें खुद बीजेपी घिरती नजर आ रही है।


आपको याद होगा मोदी सरकार देश हित में नारे तो कई दे दिए है, बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओं, लेकिन मौजूदा स्थिति इससे कहीं अलग है। लड़कियों व बच्चियों के साथ हो रहे दुष्कर्म के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। एक तरफ उन्नाव में लड़की के साथ हुए हादसे ने देशभर में काफी सुर्खियां बटोरी उसके बाद भी शायद बीजेपी के नेताओं ने सबक नही सीखा और एक बार फिर यह पार्टी इस तरहके मामलों में घिरती हुई नजर आ रही है।

इस ताजे मामले में एक बार फिर बीजेपी पार्टी के नेता खुद देश के ऐसे अपराधों में सम्मिलित होते नज़र आ रहे है। शर्मनाक बात यह है कि यह घटना पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से है। इस इलाके में जब पुलिस ने छापा मारा तो भाजपा नेता की बिल्डिंग से पचीस लड़कियों को पकड़ा गया है। साथ ही बताया जा रहा है कि पकड़ी गई जगह पर किसी के जन्मदिन की पार्टी चल रही थी। लड़कियों के साथ ही यहां से पुलिस ने 25 लड़कों को भी गिरफ्तार किया है। शुरूआती रिपोर्ट के मुताबिक़ कहा जा रहा है कि छापेमारी के दौरान पुलिस भी इस माहौल को देखकर हैरान हो गई थी।

आपको बता दें कि जब पुलिस यहां पर पहुंची तो लड़कियों को अर्धनग्न अवस्था में पाया गया था। इस दौरान लड़के और लड़कियां बेहद शर्मनाक हालत में साथ में पार्टी में डांस कर रहे थे। इस जगह से पुलिस ने इस दौरान बड़ी मात्रा में शराब और बीयर की बोतलें व नशे की बाकी चीजें भी बरामद की है। यह पहला ऐसा मामला है जो कि इस इलाके से सामने आया है।

BJP का तेलंगाना-आंध्र में पहले विपक्ष, फिर सत्ता का ये है प्लान

भारतीय जनता पार्टी ने मिशन साउथ के तहत तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के लिए एक खास प्लान बनाया है. इसके तहत बीजेपी तेलंगाना में कांग्रेस और आंध्र प्रदेश में तेलगु देशम पार्टी (टीडीपी) की जगह लेने की कवायद शुरू कर दी है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भारतीय जनता पार्टी लोकसभा चुनाव में प्रचंड जीत के साथ सत्ता में वापसी करने में भले ही कामयाब रही हो, लेकिन दक्षिण भारत में कर्नाटक-तेलंगाना छोड़ बाकी राज्यों में उसके हाथ कुछ नहीं लगा है. यही वजह है कि उत्तर भारत के बाद बीजेपी दक्षिण भारत के राज्यों में कमल खिलाने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है. मिशन साउथ के तहत तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के लिए एक खास प्लान बनाया है. इसके तहत बीजेपी तेलंगाना में कांग्रेस और आंध्र प्रदेश में तेलगु देशम पार्टी (टीडीपी) की जगह लेने की कोशिश में जुट गई है.

तेलंगाना में बीजेपी का प्लान

लोकसभा चुनाव में तेलंगाना की 17 संसदीय सीटों में से टीआरएस 9, बीजेपी 4, कांग्रेस 3 और AIMIM को 1 सीट मिली है. इसी तरह से पिछले साल हुए राज्य विधानसभा चुनाव में कुल 119 सीट में से टीआरएस 88, कांग्रेस 19, AIMIM 7, बीजेपी 1, टीडीपी 1 और एक सीट अन्य को मिली थी. दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस के कई विधायक बगावत कर टीआरएस के साथ जुड़ गए हैं. वहीं, लोकसभा चुनाव में बीजेपी जिस तरह से अपना ग्राफ बढ़ाने में कामयाब रही है और कांग्रेस को पीछे छोड़ते हुए मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरी है. इससे बीजेपी के हौसले बुलंद हो गए हैं.

रेड्डी समुदाय पर नजर

तेलंगाना में बीजेपी की नजर कांग्रेस और टीडीपी के ऐसे नेताओं पर है जो अपनी-अपनी पार्टी से नाखुश हैं. इसके अलावा बीजेपी यहां कांग्रेस के रेड्डी समुदाय को साधने के साथ-साथ दलित और अन्य पिछड़ी जाति के वोटों को जोड़ने पर लगी है. ऐसे में बीजेपी को लगता है कि तेलंगाना में केसीआर के मुस्लिम तुष्टीकरण की नीति के विरोध से हिंदू वोटबैंक को उसके पक्ष में लामबंद हो सकता है.

आंध्र प्रदेश में टीडीपी का विकल्प बनने की जुगत में

लोकसभा चुनाव में आंध्र प्रदेश की 25 में 22 सीटें जगन मोहन रेड्डी की पार्टी वाईएसआर कांग्रेस और तीन सीटें टीडीपी जीतने में कामयाब रही है. इसी तरह विधानसभा चुनाव में कुल175 सीटों में से 151 वाईएसआर कांग्रेस, 23 टीडीपी और एक सीट अन्य को मिली है. कांग्रेस और बीजेपी दोनों राष्ट्री पार्टियों को एक भी सीट नहीं मिली है.कांग्रेस का सारा राजनीतिक आधार वाईएसआर कांग्रेस में शिफ्ट हो गया है. ऐसे में बीजेपी आंध्र प्रदेश में टीडीपी की जगह लेने की जुगत में है.

बीजेपी की नजर टीडीपी के उन बड़े नेताओं पर है जो चंद्रबाबू नायडू से नाराज हैं. टीडीपी में कई नेता ऐसे हैं जो यह मानते हैं कि चंद्रबाबू नायडू की राजनीतिक गलतियों की वजह से ही टीडीपी की शर्मनाक हार का मुंह देखना पड़ा है. इसके अलावा कई नेता मानते हैं कि चंद्रबाबू ने एनडीए से बाहर आकर सबसे बड़ी गलती की. मौके की नजाकत को समझते हुए बीजेपी ने टीडीपी के मजबूत नेताओं को अपने साथ मिलाने में जुटी है. टीडीपी के महासचिव और पूर्व मंत्री ई पेद्दी रेड्डी बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं.

2024 पर बीजेपी की नजर

आंध्र प्रदेश में बीजेपी को मजबूत करने और 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव तक पार्टी को मुख्य मुकाबले में खड़े करने की जिम्मेदारी राम माधव और सह-प्रभारी सुनील देवधर के अलावा जेवीएल नरसिम्हा राव के कंधों पर है. इन तीन नेताओं की तिकड़ी बीजेपी के इस प्लान को जमीन पर उतारने में जुट गई है. बीजेपी की प्रदेश में प्राथमिकता कापू जाति पर पकड़ रखने वाले नेताओं पर है.

कापू समुदाय पर बीजेपी डाल रही डोरे

आंध्र प्रदेश में कापू जाति की आबादी करीब 18 फीसदी है और इनकी रेड्डी समुदाय से राजनीतिक प्रतिद्वंदिता जगजाहिर है. रेड्डी समुदाय एक समय कांग्रेस का मजबूत वोटबैंक माना जाता था जो अब वाईएसआर कांग्रेस के साथ जुड़ गया है. जबकि कापू समुदाय टीडीपी का मूल वोटबैंक है. इसलिए बीजेपी कापू समुदाय के नेताओं को अपने साथ मिलाने में जुटी है. लोकसभा चुनाव से ऐन पहले बीजेपी ने कांग्रेस छोड़ने वाले कापू जाति के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री कन्ना लक्ष्मी नारायण को पार्टी की आंध्र प्रदेश अध्यक्ष बनाया.

बिहार में मौत पर मौत, BJP सांसद का ‘4G’ फॉर्मूला तो JDU को बारिश का इंतजार

चमकी बुखार से हो रही मौतों पर बीजेपी सांसद अजय निषाद का बेतुका बयान आया है. मुजफ्फरपुर से बीजेपी सांसद अजय निषाद ने कहा कि चमकी बुखार के लिए 4जी जिम्मेदार है.

चमकी बुखार से हो रही मौतों पर भारतीय जनता पार्टी के सांसद अजय निषाद का बेतुका बयान आया है. मुजफ्फरपुर से बीजेपी सांसद अजय निषाद ने कहा कि चमकी बुखार के लिए 4जी जिम्मेदार है. गांव, गर्मी, गरीबी और गंदगी को बीजेपी सांसद ने 4जी बताया और कहा कि अति पिछड़ा समाज के लोग इस बीमारी से ताल्लुक हैं. उनका रहन-सहन नीचे है. बच्चे बीमार हैं.

मुजफ्फरपुर से सांसद अजय निषाद ने कहा, ‘यह मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में है. हर आदमी की अपनी व्यस्तता होती है. आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुजफ्फरपुर गए, उसके लिए उन्हें आभार है. इस मामले में ठोस कदम उठाने की जरूरत है कि आने वाले समय में बीमारी पर कैसे काबू पाया जाए. बच्चे जो बीमारी की हालत में अस्पताल में आते हैं, उनकी और मरने वाले बच्चों की संख्या कैसे कम हो.’

ANI @ANI

Muzaffarpur MP: Patients coming in are very poor, most of them are from SC category & other backward classes. Their lifestyle belongs to a very low category. That needs to be raised. Parents take time to understand when their children fall sick, they need to be made aware. ANI @ANI Muzaffarpur MP Ajay Nishad: It is to be seen how the number of deaths be brought down to zero. I believe that we should concentrate and work on 4G – Gaon, Garmi, Gareebi, Gandgi (village, heat, poverty, uncleanliness). This disease (AES) is somewhere connected to these factors. 80 2:11 PM – Jun 18, 2019Twitter Ads info and privacy 24 people are talking about this

बीजेपी सांसद अजय निषाद ने कहा, ‘अभी तक बीमारी अज्ञात है. हर कोई अपनी राय दे रहा है. मेरा मानना है कि हमें 4जी पर ज्यादा काम करने की जरूरत है. पहले जी से गांव, दूसरे जी से गर्मी, तीसरे जी से गरीबी और चौथे जी से गंदगी. कहीं न कहीं इससे इस बीमारी का ताल्लुक है. जो भी इलाज के लिए मरीज आते हैं, वह गरीब तबके से होते हैं. ज्यादार अनुसूचित जाति के होते हैं. उनका रहन-सहन का स्तर बहुत नीचे है. उसको भी ऊपर उठाने की जरूरत है.’

ANI @ANI

JDU MP DC Yadav on state Health Min asking for cricket score in a meeting over AES: During India-Pak matches, there’s nationalism in people’s heart, they want India to win. They did everything seriously in the meeting & asked for score in b/w, opposition’s allegations aren’t true ANI @ANI JDU MP Dinesh Chandra Yadav: Muzaffarpur incident (death of 108 children due to AES) is unfortunate, since many years whenever summer season comes, children get sick & number of deaths becomes big. It happens, government also makes arrangements. Once the rains start, it will stop 64 1:07 PM – Jun 18, 2019Twitter Ads info and privacy 22 people are talking about this

वहीं, जेडीयू सांसद दिनेश चंद्र यादव ने कहा कि मुजफ्फरपुर की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि कई सालों से जब भी गर्मी का मौसम आता है, बच्चे बीमार पड़ जाते हैं और मौतों की संख्या बड़ी हो जाती है. बारिश शुरू होते ही यह बंद हो जाएगा.

वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को मुजफ्फरपुर का दौरा किया, जहां एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से अब तक 108 बच्चों की मौत हो चुकी है. जिला के स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के साथ नीतीश कुमार ने सरकारी श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसकेएमसीएच) का दौरा किया, जहां उन्होंने अपना इलाज करा रहे बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात की. इस दौरान मुख्यमंत्री को विरोध प्रदर्शनों का भी सामना करना पड़ा.

Muzaffarpur: Locals hold protest outside Sri Krishna Medical College and Hospital as Bihar CM Nitish Kumar is present at the hospital; Death toll due to Acute Encephalitis Syndrome (AES) is 108. 111 12:01 PM – Jun 18, 2019 36 people are talking about this

मुख्यमंत्री स्थिति का जायजा लेने के लिए डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे. कुल 108 मृतकों में से एसकेएमसीएच में 88 और निजी केजरीवाल अस्पताल में 19 बच्चों की मौत हुई है. दोनों अस्पतालों में एईएस के लक्षणों वाले गंभीर रूप से बीमार लगभग 100 बच्चों का इलाज चल रहा है. स्थिति का जायजा लेने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने रविवार को एसकेएमसीएच का दौरा किया था.

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा-प्रदेश में अपराधी खुलेआम घूम रहे और सरकार बैठकें कर रही

पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर राजभवन में राज्यपाल राम नाईक से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा।

जेएनएन, लखनऊ। पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर राजभवन में राज्यपाल राम नाईक से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा। इस दौरान अखिलेश के साथ सपा के वरिष्ठ नेता अहमद हसन भी मौजूद रहे। अखिलेश ने मुलाकात के दौरान प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर चिंता जताई। मुख्यमंत्री के पद से हटने के बाद अखिलेश यादव पहली बार राजभवन पहुंचे थे।

राजभवन में राज्यपाल राम नाईक से मुलाकात के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं और अपराध कर रहे हैं। इन पर लगाम लगनी चाहिए। प्रदेश में बेटियों के साथ ऐसे जघन्य अपराध नहीं हुए होंगे लेकिन, भारतीय जनता पार्टी की सरकार में लगातार ऐसी घटनाएं हो रही हैं और सरकार हाथ पर हाथ रखकर बैठी हुई है। मैंने राज्यपाल के माध्यम से सरकार से मांग की है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जंगलराज जैसे हालात हो गए हैं। लखनऊ में बैठकें हो रहीं हैं, जिलों में हत्याओं पर हत्याएं हो रही हैं। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की अध्यक्ष दरवेश यादव की आगरा कोर्ट परिसर में हत्या के बाद से प्रदेश की सियासत गरमा गई है। उत्तर प्रदेश में बिगड़ी कानून व्यवस्था को लेकर अखिलेश यादव कई दिनों से लगातार प्रदेश सरकार पर हमलावर हैं। पिछले दिनों बयान जारी कर उत्तर प्रदेश में बेतहाशा बढ़े अपराधों और मंत्रियों की बयानबाजी पर योगी सरकार को घेरते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि भारतीय जनता पार्टी दुनिया भर में उत्तर प्रदेश की बदनामी कराने में लगी है। 

आगरा में उप्र बार कौंसिल की अध्यक्ष दरवेश सिंह की हत्या के बाद एटा स्थित उनके पैतृक गांव में श्रद्धांजलि देने के पहुंचे अखिलेश ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान भी कहा था कि कानून व्यवस्था पर प्रदेश सरकार का ध्यान नहीं है। पता नहीं चल रहा है कि सरकार किस दिशा में जा रही है। मुख्यमंत्री जब भी अफसरों के साथ समीक्षा बैठक करते हैं, अपराधी कोई बड़ी वारदात कर चुनौती दे देते हैं। अखिलेश ने सीएम की समीक्षा बैठकों के दौरान हुईं कुछ घटनाओं का उदाहरण भी दिया।

CWC 2019: हार से बौखलाए शोएब अख्तर, कहा- दसवीं के बच्चे जैसा है सरफराज

पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने वर्ल्ड कप-2019 में भारत से मिली करारी शिकस्त के लिए टीम मैनेजमेंट और कप्तान को जिम्मेदार ठहराया है.

टीम इंडिया ने अपने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ आईसीसी वर्ल्ड कप में अजेय क्रम बरकरार रखा है. भारत ने रविवार को मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रेफर्ड मैदान पर पाकिस्तान को 89 रनों से करारी शिकस्त दी. इस हार से पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर काफी गुस्से में हैं. ‘रावलपिंडी एक्सप्रेस’ के नाम से मशहूर रहे शोएब ने कप्तान सरफराज अहमद को भारत के खिलाफ हार के लिए जिम्मेदार ठहराया है.

10 के स्टूडेंट्स जैसा है कप्तान

शोएब अख्तर ने यू-ट्यूब पर कहा कि सरफराज ने बिना दिमाग के कप्तानी की. हमारी मैनेजमेंट बेवकूफ है और कप्तान उसका मामू बना हुआ है. ये कप्तान ऐसा है जैसे 10वीं के स्टूडेंट्स होते हैं, जो मैनेजमेंट ने कह दिया, बस वही करना है. शोएब अख्तर ने कहा कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने मैच को लेकर इतने ट्वीट किए, लेकिन बिना दिमाग के कप्तान को कुछ समझ में नहीं आया. वैसे इमरान खान को वैसे लोगों के लिए ट्वीट करना चाहिए था, जिनमें कैपिसिटी हो. इस टीम में कैपेसिटी ही नहीं है.

सोचा कप्तान में थोड़ा इमरान खान डाल दूं

शोएब ने कहा कि इस मुकाबले में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला बिना दिमाग वाला कप्तान ही करता. सरफराज को यही पता नहीं था कि उनकी टीम स्ट्रेंथ क्या है. पाकिस्तान बॉलिंग की बदौलत मैच निकाल सकता था. अगर पाकिस्तान की टीम पहले बैटिंग करती तो गेंदबाजों पर दबाव कम होता, लेकिन ब्रेनलेस कप्तान और मैनेजमेंट मैच हारने की नीयत से खेल रहे थे. शोएब अख्तर ने कहा ‘मैं सोच रहा था कि इस ब्रेनलेस कप्तान में थोड़ा इमरान खान डाल दूं, लेकिन देर हो चुकी थी.’

वाघा बॉर्डर पर छलांग लगाने से अच्छा था मैच में लगाते

शोएब अख्तर ने कहा कि बॉलिंग में हसन अली ने सबसे घटिया गेंदबाजी की. उन्होंने कहा कि वह वाघा बॉर्डर पर लंबी-लंबी छलांगें लगाता है, लेकिन मैच में शॉट पिच गेंदें फेंक रहा था. वह अगर अपने को बड़ा गेंदबाज तब समझता जब विकट निकालता. उन्होंने कहा कि हसन अली अपने को टी-20 फॉर्मेंट का खिलाड़ी समझता है. पीएसएल (पाकिस्तान सुपर लीग) खेलकर ही वह खुश है. बॉलिंग में ना पेस है और ना स्विंग.

चमकी बुखार से 100 बच्चों की मौत, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और मंगल पांडेय पर मुकदमा

बिहार में चमकी बुखार से मरने वाले बच्चों की संख्या 100 से अधिक हो गई है. इस बीच मुजफ्फरपुर सीजेएम कोर्ट में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया है. सामाजिक कार्यकर्ता तमन्ना हाशमी को ओर से दायर इस मुकदमे में 24 जून को सुनवाई होगी.

बिहार में चमकी बुखार से मरने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर 100 से अधिक हो गई है. इस बीच, मुजफ्फरपुर सीजेएम कोर्ट में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया है. सामाजिक कार्यकर्ता तमन्ना हाशमी को ओर से दायर इस मुकदमे में 24 जून को सुनवाई होगी.

असल में, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने रविवार को बिहार के मुजफ्फरपुर जिले का दौरा किया था, जहां पिछले एक पखवाड़े में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) के कारण 100 से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है.

इसके अलावा, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे के साथ हर्षवर्धन ने राज्य के स्वामित्व वाले श्रीकृष्णा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसकेएमसीएच) का दौरा किया. जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि मंत्रियों ने स्थिति का जायजा लेने के लिए डॉक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की थी.

बहरहाल, मोतिहारी में एसकेएमसीएच और निजी केजरीवाल अस्पताल में एईएस के लक्षणों के साथ नए मामलों का सामने आना जारी है. चमकी बुखार से पीड़ित मासूमों की सबसे ज्यादा मौतें मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच अस्पताल में हुई है.   चमकी बुखार के रोकथाम को लेकर अब तक जो भी प्रयास किए जा रहे हैं वो स्थिति को देखते हुए नाकाम साबित हो रहे हैं. 

Mi ने की सबकी बोलती बंद, लॉन्च किया मात्र इतनी कीमत में 48MP कैमरा वाला फोन !

जयपुर। Mi चीन की एक मशहूर स्मार्टफोन निर्माता कंपनी है। Mi ने भारतीय स्मार्टफ़ोन बाजार में बजट स्मार्टफोन के प्रचलन को बढ़ावा दिया है। इस समय भारतीय ग्राहकों में Mi के प्रति जबरदस्त क्रेज कायम है और इसी वजह से Mi के फ़ोन्स भारत में काफी ज्यादा बेचे जाते है। इसी बीच इस कंपनी ने अपना एक धमाकेदार 48 मेगापिक्सल कैमरा वाला स्मार्टफोन लांच कर दिया है। इस स्मार्टफोन का नाम है रेडमी नोट 7।

रेड्मी नोट 7 के बिल्ट की बात की जाये तो देखने में यह फ़ोन काफी प्रीमियम लगता है और हाथ में पकड़ने पर काफी अच्छा फील देता है अपने मेटल और ग्लास बॉडी के वजह से| अगर बात की जाये इस फ़ोन में दी गयी स्पेसिफिकेशन की तो इस फ़ोन में 6.3 इंच की फुल एचडी प्लस आईपीएस एलसीडी स्क्रीन दी गयी है जिसका स्क्रीन रेजोल्यूशन 1080 x 2160 पिक्सेल्स का है एवं स्क्रीन का आस्पेक्ट रेश्यो 19:9 का है एवं यह स्क्रीन वाटरड्राप नौच के साथ आती है|
इस फ़ोन की परफॉरमेंस की बात की जाये तो इस फ़ोन में स्नैपड्रैगन 660 प्रोसेसर दिया गया है, यह स्मार्टफ़ोन 3GB/4GB/6GB की रैम और 32GB/64GB के इंटरनल स्टोरेज वाले दो वरिंट्स में आता है। इसके अलावा इस फ़ोन की स्टोरेज को 256 जीबी तक माइक्रो एसडी कार्ड की मदद से बढाया जा सकता है। इस स्मार्टफोन में युएसबी-C की मदद से फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ 4,000mAh की बैटरी दी गई है।
इस फ़ोन के सबसे ख़ास फीचर यानि की कैमरा की बात की जाये तो, इस स्मार्टफोन में आपको 48+5 मेगापिक्सल का डुअल रियर कैमरा और 13 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा मिल जाता है, जिसकी मदद से आप काफी अच्छी फोटोज और पोर्ट्रेट शॉट्स ले सकते हैं। इसी के साथ यह स्मार्टफ़ोन दुनिया का दूसरा 48 मेगापिक्सेल कैमरा के साथ आने वाला स्मार्टफ़ोन बन जाता है।
इस फ़ोन में सिक्यूरिटी के लिए फ़ोन के बैक पर फिंगरप्रिंट सेंसर भी दिया गया है और साथ में ये फ़ोन फेस अनलॉक भी सपोर्ट करता हैं। सॉफ्टवेयर की बात की जाये तो रेड्मी नोट 7 एंड्रॉयड 9 पाई पर बेस्ड MIUI 10 यूजर इंटरफ़ेस पर चलता है। रेड्मी नोट 7 की कीमत की बात की जाये तो इस फ़ोन के 3 जीबी रेम वाले वैरिएंट की कीमत 999 युआन ( लगभग 10,300 रुपये ) है जो की इस फ़ोन के फीचर और डिजाईन को देखते हुए काफी कम है।

ममता की प्रेस कॉन्फ्रेंस: डॉक्टरों के आगे झुकीं, मोदी सरकार पर बरसीं

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि सरकार नकारात्मक नहीं है और ना ही अब तक कोई नकारात्मक कदम उठाया है. उन्होंने उत्पन्न संकट के समाधान को लेकर लगातार सक्रिय प्रयास का दावा करते हुए कहा कि वार्ता के लिए हमारे दरवाजे हमेशा खुले हैं.

पश्चिम बंगाल में एक रेजीडेंट डॉक्टर की पिटाई के बाद डॉक्टरों की हड़ताल से दबाव में आई राज्य सरकार ने आखिरकार पांचवें दिन आपात बैठक की. बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि सरकार नकारात्मक नहीं है और ना ही अब तक कोई नकारात्मक कदम उठाया है. उन्होंने उत्पन्न संकट के समाधान को लेकर लगातार सक्रिय प्रयास का दावा करते हुए कहा कि वार्ता के लिए हमारे दरवाजे हमेशा खुले हैं. ममता बनर्जी ने मोदी सरकार पर भी जमकर निशाना साधा. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस की 10 बड़ी बातें:

1. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हड़ताल समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि बीमार मरीजों के परिजन इंतजार कर रहे हैं. हमने डॉक्टरों की अधिकांश मांगें मान ली हैं

2. उन्होंने कहा कि कोलकाता के सभी मेडिकल कॉलेजों में सुरक्षा की जिम्मेदारी एसीपी रैंक के अधिकारी को सौंपी जाएगी

3. ममता बनर्जी ने कहा कि मुझे एसएसकेएम अस्पताल पहुंचने पर विरोध का सामना करना पड़ा. गाली दी गईं, धक्का दिया गया. मैंने चंद्रिमा भट्टाचार्य को भेजा था. वह फोन से मेरी बात डॉक्टरों से कराना चाहती थीं, लेकिन डॉक्टरों ने मना कर दिया. इतने अनादर के बाद भी मैं उनसे संपर्क करने की कोशिश लगातार करती रही

4. मुख्यमंत्री ने कहा कि शुक्रवार को मैंने 5 घंटे बात करने के लिए डॉक्टरों का इंतजार किया. उन्होंने हमें सूचित किया कि वे शुक्रवार को नहीं, शनिवार को आ सकते हैं और हम आज भी इंतजार करते रहे लेकिन वे नहीं आए

5. उन्होंने कहा कि मेरे दरवाजे वार्ता के लिए हमेशा खुले हैं. सरकार आपको वार्ता के लिए लगातार बुलाती रही और आप ना आने पर अडिग रहे. कोलकाता के पुलिस कमिश्नर ने भी तीन घंटे तक समझाया, लेकिन वह तब भी नहीं माने.

6. ममता ने कहा कि अगर आपको लगता है कि मैं कैपेबल नहीं हूं, तो आप राज्यपाल से बात कीजिए

7. ममता ने कहा कि 2009 में गुजरात सरकार ने आवश्यक सेवा संरक्षण अधिनियम (ESMA) लगाकर डॉक्टरों की हड़ताल समाप्त कराई थी. तब मुख्यमंत्री मोदी ही थे. चिकित्सा जैसी महान सेवा के लिए हमने इस तरह के कदम नहीं उठाए और ना ही कोई गिरफ्तारी की

8. व्यक्तिगत इस्तीफा अलग है, सामूहिक इस्तीफे का कानून में कोई मूल्य नहीं है

9.गृह मंत्रालय को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के लिए एडवाइजरी जारी करनी चाहिए. केंद्र को पूछना चाहिए कि एनकाउंटर में कितने लोग मारे गए

10. राष्ट्रीय मीडिया द्वारा देश में बंगाल का कुप्रचार किया जा रहा है. प्रदेश की छवि खराब की जा रही है.

https://aajtak.intoday.in/video/services-medical-hospital-facilities-effected-by-strike-of-doctors-1-1093027.html?jwsource=cl

Niti Aayog: नीति आयोग की बैठक में PM मोदी ने इन मुद्दों पर की चर्चा

Niti Aayog Meeting: नीति आयोग की 5वीं बैठक शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नई सरकार में नीति आयोग की ये पहली बैठक है। जानिए इसकी मुख्य बातें।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में शनिवार को नीति आयोग की संचालन परिषद की पांचवीं बैठक यहां शुरू हुई। प्रधानमंत्री ने कहा, सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के मंत्र को पूरा करने में नीति आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका। उन्होंने कहा, ‘भारत को 2024 तक 5,000 अरब डालर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य चुनौतीपूर्ण पर राज्यों के संयुक्त प्रयास से इसे हासिल किया जा सकता है।’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘राज्य सरकारें निर्यात संवर्द्धन पर ध्यान दें, लोगों की आय और रोजगार के अवसर बढ़ाने में निर्यात क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है।’ उन्होंने कहा कि नवगठित जल शक्ति मंत्रालय जल प्रबंध के विषय में एक समन्वित दृष्टिकोण अपनाने में मदद करेगा। राज्यों को भी जल संरक्षण और प्रबंधन के क्षेत्र में अपने विभिन्न प्रयासों को समन्वित करना चाहिए। हम कार्य-प्रदर्शन, पारदर्शिता और प्रतिपादन की विशेषता वाली शासन व्यवस्था की ओर बढ़ रहे हैं।

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ANI@ANI

PM at the 5th meeting of Governing Council of NITI Aayog: NITI Aayog has key role to play in fulfilling the mantra of SabkaSaath, SabkaVikas, SabkaVishwas. Goal to make India a 5 trillion dollar economy by 2024, is challenging, but achievable, with the concerted efforts of states1714:16 PM – Jun 15, 201936 people are talking about thisTwitter Ads info and privacy

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PM at NITI Aayog meeting: Union Government’s commitment to double incomes of farmers by 2022 requires focus on fisheries, animal husbandry, horticulture, fruits&vegetables. Benefits of PM-KISAN-KisanSammanNidhi-&other farmer centric schemes should reach beneficiaries within time1634:23 PM – Jun 15, 201936 people are talking about thisTwitter Ads info and privacy

बैठक का मुख्य एजेंडा सूखे की स्थिति, कृषि क्षेत्र का संकट और नक्सल प्रभावित जिलों में सुरक्षा को लेकर चिंता है। राष्ट्रपति भवन में आयोजित बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री ने की हैं। नई मोदी सरकार के कार्यकाल में यह संचालन परिषद की पहली बैठक है। बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल हुए हैं।

बैठक के एजेंडा में वर्षा जल संचयन, आकांक्षी जिला कार्यक्रम, कृषि क्षेत्र में संरचनात्मक बदलाव के मुद्दे भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री की अगुवाई वाली संचालन परिषद के सदस्यों में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, संघ शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल, कई केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी भी शामिल हैं। 

बैठक में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगनमोहन रेड्डी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी भाग ले रहे हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया है। ममता का कहना है कि नीति आयोग के पास राज्यों की योजनाओं के समर्थन के लिए वित्तीय अधिकार नहीं हैं, ऐसे में इस तरह की बैठक की कवायद बेकार है। 

संचालन परिषद की बैठक में पिछली बैठकों पर हुई कार्रवाई की समीक्षा की जाती है और साथ ही भविष्य की विकास से संबंधित प्राथमिकताएं तय की जाती हैं। अभी तक प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में संचालन परिषद की चार बैठकें हो चुकी हैं। संचालन परिषद की पहली बैठक आठ फरवरी, 2015 को हुई थी जिसमें प्रधानमंत्री ने नीति आयोग के लिए प्रमुख कामकाज तय किए थे। इनमें सहकारिता के संघवाद को बढ़ावा देना और राज्यों की सक्रिय भागीदारी के जरिये राष्ट्रीय मुद्दों को हल करना प्रमुख रूप से शामिल है। 

संचालन परिषद की दूसरी बैठक 15 जुलाई, 2015 को हुई थी जिसमें मुख्यमंत्रियों के तीन उप समूहों और दो कार्यबलों की प्रगति की समीक्षा की गई। 
इसी तरह संचालन परिषद की तीसरी बैठक 23 अप्रैल, 2017 को हुई जिसमें मोदी ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव साथ साथ कराने तथा वित्त वर्ष को जनवरी-दिसंबर करने पर बल दिया था। संचालन परिषद की चौथी बैठक 17 जून, 2018 को हुई थी जिसमें किसानों की आमदनी दोगुना करने और सरकार की प्रमुख योजनाओं में हुई प्रगति के उपायों पर विचार विमर्श किया गया।

डॉक्टरों पर हमले को लेकर स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने सभी मुख्यमंत्रियों को लिखा पत्र, की ये अपील

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने सभी राज्य सहित केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर डॉक्टरों को लेकर होने वाले किसी भी हमले पर कड़ी कार्रवाई करने को कहा है।

नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य एंव परिवार,कल्याण मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने पश्चिम बंगाल सहित देश के अन्य राज्यों में डॉक्टरों के द्वारा हो रहे आदोंलन के बीच सभी प्रदेशों सहित केंद्र शासित राज्यों के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि डॉक्टरों पर किसी तरह का हमला करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने इसके साथ ही सभी मुख्यमंत्रियों से इस तरह के मामले में ध्यान देने को भी कहा है। बता दें कि केंद्रीय मंत्री ने इससे पहले भी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी पत्र लिखकर राज्य में जारी डॉक्टरों के आंदोलन को स्वयं संज्ञान में लेकर जल्द- जल्द से हल करने को कहा था।View image on Twitter

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Ministry of Health & Family Welfare: In view of the recent assault on doctors in West Bengal,Health Min,Dr. Harsh Vardhan,today wrote to Chief Ministers of all states & Union Territories drawing their attention for strict action against any person who assaults doctors. (File pic)3363:33 PM – Jun 15, 201976 people are talking about thisTwitter Ads info and privacy

केंद्रीय मंत्री ने सीएम ममता बनर्जी को लिखे पत्र में कहा था कि केंद्र